भाषा का सवाल सत्ता के साथ बदलता है.अंग्रेज़ी के साथ सत्ता की मौजूदगी हमेशा से रही है. उसे सुनाई ही अंग्रेज़ी पड़ती है और सत्ता चलाने के लिए उसे ज़रुरत भी अंग्रेज़ी की ही पड़ती है, हिंदी दिवस की शुभ कामनाएं
एक बार इसे जरुर पढ़े, आपको पसंद आएगा :- (प्यारी सीता, मैं यहाँ खुश हूँ, आशा है तू भी ठीक होगी .....) http://thodamuskurakardekho.blogspot.com/2010/09/blog-post_14.html
आज ना कोई मातृभाषा की इज्जत करता है ओर ना ही मातृभूमि तो ऎसा आदमी माँ की इज्जत भी क्या करेगा, इन्हे चाहिये पैसा जिस के लिये यह इन तीनो को भी बेच दे. आप से सहमत है जी
माँ का स्थान मानव जीवन में सर्वोन्नत है. लेकिन कई बार हम लोग माँओं के प्रति आदर दिखाना भूल जाते हैं. माँ (Maatashri.blogspot.com) एक सामूहिक चिट्ठा है जहां कोई भी चिट्ठाकार "मां" विषय के विभिन्न कोणों पर आलेख छाप सकता है. चिट्ठे पर यदि आप कुछ छापना चाहते हैं तो उसे Admin.Mataashri@gmail.com पर भेज दें. अपने बारे में भी जानकारी दें जिसे लेख के अंत में जोडा जा सके.
6 comments:
बहुत बढ़िया प्रस्तुति ....
भाषा का सवाल सत्ता के साथ बदलता है.अंग्रेज़ी के साथ सत्ता की मौजूदगी हमेशा से रही है. उसे सुनाई ही अंग्रेज़ी पड़ती है और सत्ता चलाने के लिए उसे ज़रुरत भी अंग्रेज़ी की ही पड़ती है,
हिंदी दिवस की शुभ कामनाएं
एक बार इसे जरुर पढ़े, आपको पसंद आएगा :-
(प्यारी सीता, मैं यहाँ खुश हूँ, आशा है तू भी ठीक होगी .....)
http://thodamuskurakardekho.blogspot.com/2010/09/blog-post_14.html
और हम लोग इन्ही की बेकद्री कर रहे है .
आज ना कोई मातृभाषा की इज्जत करता है ओर ना ही मातृभूमि तो ऎसा आदमी माँ की इज्जत भी क्या करेगा, इन्हे चाहिये पैसा जिस के लिये यह इन तीनो को भी बेच दे.
आप से सहमत है जी
बहुत बढ़िया प्रस्तुति ....
सच है।
सहमत
Post a Comment