Sunday, March 28, 2010

मम्मी मेरी सबसे प्यारी

मम्मी मेरी सबसे प्यारी,
मैं मम्मी की राजदुलारी।

मम्मी प्यार खूब जताती,

अच्छी-अच्छी चीजें लाती।


करती जब मैं खूब धमाल,

तब मम्मी खींचे मेरे कान।

मम्मी से हो जाती गुस्सा,

पहुँच जाती पापा के पास।


पीछे-पीछे तब मम्मी आती,

चाॅकलेट देकर मुझे मनाती।

थपकी देकर लोरी सुनाती,

मम्मी की गोद में मैं सो जाती।


Saturday, February 27, 2010

होली पर माँ !

क्या आपको याद है ...


होली  के अवसर पर माँ  आपके लिए क्या क्या करती थी , गुझिया बनाने से लेकर रंग और पिचकारी का इंतजाम , नए नए वस्त्र सिलवाना  और अंत में घंटो रगड़ रगड़ के नहलाना धुलाना ! सारा त्यौहार उन दिनों माँ के इर्द गिर्द ही घूमता था  ! त्यौहार और खुशियों का पर्याय होती थी तब माँ !


इस होली पर आप बच्चों के लिए ही सब कुछ कर रहे हैं या  माँ भी उसमें शामिल है ! इस होली पर  आपको  शुभकामनायें देते हुए मैं , आपको  माँ के बारे में  थोडा अधिक ध्यान दिलाना चाहता हूँ  !


आशा है बुरा न मानेंगे ! उन्हें आपकी अधिक जरूरत है .....    

Friday, February 12, 2010

मां

माँ तो है संगीत रूप
माँ गीत रूप, माँ नृत्य रूप
माँ भक्ति रूप, माँ सक्ति रूप
माँ की वाणी है मधु स्वरूप
गति है माँ की ताल रूप
सब कर्म बने थिरकन स्वरूप
व्यक्तित्व बना माँ का अनूप
शृद्धा की है वह प्रतिरूप
माँ के हैं अनगिनत रूप .

डॉ. मीना अग्रवाल